चाइल्डलाइन सहरसा-कोलैब के मुख्य क्रिया-कलाप


                                                                                                                                                                                                                                                                         




    सहरसा जिला अंतर्गत शोषित, पीडि़त, लावारिस, अनाथ, खोए हुए बच्चे, मानसिक रोगी बच्चे, कामकाजी बच्चे, प्राकृतिक आपदा से प्रभावित बच्चे, पारिवारिक हिंसा के षिकार बच्चे, सड़क के बच्चे आदि के लिए उपलब्ध संसाधनों जैसे चिकित्सा, षिक्षा, संरक्षण एवं देख-भाल, पुर्नवसन इत्यादि के साथ जोड़ने का काम।
    देश के विभिन्न राज्यों के जिलों में उत्तर बिहार के भूल-भटके बच्चे, मानव व्यापार के षिकार बच्चे, यौन उत्पीड़न के षिकार बच्चे, बाल श्रम के षिकार बच्चे जो चाइल्ड लाइन नेटवर्क के अधीन होते हैं उनके घर वापसी की व्यवस्था को सुनिष्चित करते हैं। इस क्रम में उनके घर के पता, ठिकाना का भौतिक सत्यापन, परिवार से अलग होने का कारण का पता करते हैं एवं बच्चों के देख-रेख एवं संरक्षण की गारंटी होने पर पारिवारिक पुर्नवसन का कार्य करते हैं।
    आउटरिच-इस गतिविधि के तहत कार्यक्षेत्र में जोखिम क्षेत्र, सुरक्षित क्षेत्र, संसाधनयुक्त क्षेत्र का मानचित्रण करते हैं। साथ हीं विभिन्न समूहों को चाइल्डलाइन 1098 के क्रिया-कलापों की विस्तृत जानकारी देते हैं।
    जागरूकता-इस गतिविधि के तहत बाल संरक्षण एवं बाल अधिकार अधिनियम से जुड़े गंभीर मुद्दे जैसे बाल व्यापार, बाल-विवाह, बालश्रम, यौन शोषण, षिक्षा के अधिकार इत्यादि के संबंध में प्रावधानों एवं प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी समुदाय में विभिन्न माध्यमों जैसे आई.पी.सी., जी.डी., हैण्डबिल, मीटिंग, पोस्टर, बैनर इत्यादि से समुदाय को जागरूक करते हैं। बाल अधिकार के चार अवयव जैसे जीने का अधिकार, विकास करने का अधिकार, संरक्षण का अधिकार एवं सहभागिता का अधिकार की विस्तृत जानकारी, समुदाय को देते हैं।
    ओपेन हाउस-यह कार्यक्रम बच्चों के लिए खुला मंच है जहां बच्चे अपने अनुभूतियों, अपनी समस्याओं को खुलकर रखते हैं एवं चाइल्डलाइन से अपनी समस्याओं के वकालत की आषा करते हैं। चाइल्डलाइन ओपेन हाउस में बच्चों द्वारा उठाई गई समस्याओं का लिखित प्रतिवेदन तैयार करते हैं एवं संबंधित विभाग को उससे अवगत कराने का कार्य करते हैं।
    रिसोर्स मोबलाईजेषन-इसके तहत सरकारी सेवा दाताओं से चाइल्डलाइन टीम के सदस्य लगातार संपर्क में रहते हैं एवं बच्चों से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन, जरूरतमंद बच्चों तक उसको पहुंचाने का कार्य करते है, साथ हीं समुदाय को भी बच्चों से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्राप्ति हेतु प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी देते हैं।
    एडवोकेसी - इसके तहत चाइल्डलाइन टीम के सदस्य सरकारी सेवा दाताओं से बच्चों से संबंधित योजनाओं को सही लाभार्थी तक पहुंचाने की वकालत करते हैं।